इस वर्ष रक्षाबंधन का पावन पर्व 9 अगस्त 2025, शनिवार को मनाया जाएगा। यह त्योहार भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है, जिसमें बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और खुशहाली की कामना करती हैं। इस अवसर पर पंडित ऋषि पाठक जी ने रक्षाबंधन के महत्व और विधि की जानकारी दी।
कैसे मनाया जाता है रक्षाबंधन:
1. तिलक और पूजा: बहनें सबसे पहले भाई के माथे पर तिलक लगाकर आरती करती हैं।
2. राखी बांधना: फिर वे उनकी कलाई पर राखी बांधती हैं, जो प्रेम और सुरक्षा का प्रतीक होती है।
3. मिठाई खिलाना: राखी के बाद भाई को मिठाई खिलाई जाती है।
4. उपहार देना: भाई बहनों को उपहार देते हैं – जैसे कपड़े, गहने या मनपसंद चीजें।
5. पारिवारिक भोजन: परिवार एक साथ बैठकर विशेष भोजन का आनंद लेते हैं।
पंडित ऋषि पाठक जी ने बताया कि यह पर्व न केवल भाई-बहन के रिश्ते को मजबूती देता है, बल्कि समाज में प्रेम और सद्भाव का संदेश भी फैलाता है। यह पर्व आध्यात्मिक दृष्टि से भी विशेष है, क्योंकि इस दिन लोग नकारात्मक ऊर्जा से बचाव और परिवार की सुरक्षा के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हैं।
इस वर्ष राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 9:15 बजे से दोपहर 12:25 बजे तक रहेगा। इस अवधि में राखी बांधना सबसे शुभ माना गया है।