प्रधानमंत्री किसान योजना की 20वीं किस्त से पहले केंद्र सरकार ने दी बड़ी सौगात, किसान संपदा योजना के लिए मंजूर हुए 6,520 करोड़ रुपये

नई दिल्ली – केंद्र सरकार ने पीएम किसान योजना की 20वीं किस्त से पहले किसानों को एक और बड़ी सौगात दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 अगस्त को वाराणसी से किसानों के खातों में 2,000 रुपये की 20वीं किस्त ट्रांसफर करेंगे। इसी बीच, केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना को और मजबूती देने के लिए 6,520 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि उत्पादों को बाजार से जोड़ना, रोजगार सृजन करना और किसानों की आय में बढ़ोतरी करना है। यह योजना साल 2016 में शुरू की गई थी और इसे खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के तहत लागू किया जा रहा है।

क्या है पीएम किसान संपदा योजना?

प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना के जरिए किसानों की फसल या उत्पाद को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँचाने के लिए खाद्य प्रसंस्करण पर ज़ोर दिया जाता है। सरकार इस योजना के तहत निजी निवेश, संयुक्त उपक्रम, विदेशी सहयोग, औद्योगिक लाइसेंस और 100% निर्यात आधारित इकाइयों को मंजूरी देती है।

योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए देश के 17 राज्यों में कुल 32 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिसमें 406 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है। ये मंजूरी खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्रीमती हरसिमरत कौर बादल की अध्यक्षता में हुई अंतर-मंत्रालयी समिति की बैठक में दी गई।

योजना में क्या-क्या हो रहा है?

योजना के तहत जिन प्रमुख कार्यों पर ज़ोर दिया गया है, उनमें शामिल हैं:

मेगा फूड पार्क की स्थापना

एकीकृत कोल्ड स्टोरेज श्रृंखलाओं का निर्माण

मूल्य संवर्धन और संरचना विकास

कृषि उपकरण और प्रसंस्करण इकाइयों का आधुनिकीकरण

कृषि क्लस्टरों के लिए आधारभूत संरचना का विकास

नए बजट से क्या होगा लाभ?

नए बजट के तहत:

50 बहु-उत्पाद विकिरण इकाइयाँ बनाई जाएंगी, जो हर साल 20–30 लाख मीट्रिक टन खाद्य उत्पादों को सुरक्षित रखने में मदद करेंगी।

100 मान्यता प्राप्त फूड टेस्टिंग लैब्स बनाई जाएंगी, जिससे खाद्य गुणवत्ता की जांच बेहतर होगी और फूड सेफ्टी सुनिश्चित की जा सकेगी।

विभिन्न परियोजनाओं के लिए 920 करोड़ रुपये अलग से मंजूर किए गए हैं।

देशभर से पात्र संस्थानों से आवेदन के लिए ईओआई मंगाए जाएंगे।

योजना की प्रगति कैसी रही है?

पिछले पांच वर्षों में की सकल वार्षिक विकास दर लगभग 8% रही है। खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर का बाजार 2016 में 322 अरब डॉलर से बढ़कर 2020 में 543 अरब डॉलर हो गया है।