भारत में रहने वाले सभी नागरिकों के लिए आधार कार्ड एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जिसका उपयोग लगभग हर सरकारी और गैर-सरकारी कामों में किया जाता है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक खबर बहुत तेजी से वायरल हो रही है जिसमें दावा किया जा रहा है कि सरकार ने पुराने आधार कार्ड रखने वाले लोगों के लिए एक नया नियम लागू किया है। इस खबर को लेकर कई लोग चिंतित भी हो रहे हैं और जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। आइए जानते हैं क्या है इस अपडेट की पूरी सच्चाई और किसे क्या-क्या करना जरूरी है।
सरकार का कहना है कि लगातार बढ़ते फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी के मामलों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें कुछ लोग एक से अधिक आधार कार्ड बनवाकर उनका गलत उपयोग कर रहे थे। इसी को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सभी आधार कार्ड को समय-समय पर अपडेट करवाना अनिवार्य कर दिया है। खासतौर पर उन लोगों के लिए जिनका आधार कार्ड 2010 या उससे पहले बनाया गया था और आज तक उसमें किसी भी प्रकार का अपडेट नहीं कराया गया है।
अगर आपने भी आधार कार्ड बनवाने के बाद अब तक नाम, पता, मोबाइल नंबर या फोटो इत्यादि में कोई अपडेट नहीं करवाया है तो आपको जल्द से जल्द इसे अपडेट करवाना होगा। यदि समय पर आधार अपडेट नहीं कराया गया तो आपको कई सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अब आधार बनवाने या अपडेट कराने के लिए सही दस्तावेज दिखाना अनिवार्य होगा। इसके लिए पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक पासबुक, बिजली/पानी बिल और उत्पत्ति प्रमाण पत्र (जन्म प्रमाण पत्र) आदि आवश्यक माने गए हैं। बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र को भी अनिवार्य दस्तावेजों की सूची में शामिल किया गया है।
कुल मिलाकर, सरकार का उद्देश्य सिर्फ यही है कि आधार कार्ड से जुड़े सभी रिकॉर्ड बिल्कुल ताज़ा और सही रहें ताकि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या फर्जीवाड़े पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। इसलिए अगर आपका आधार कार्ड कई वर्षों से अपडेट नहीं हुआ है, तो बिना देर किए जल्द ही इसे अपडेट करा लें।
